किडनी रॅकेट kidney racket (घोटाला) चंद्रपुर पुलिस द्वारा उजागर
◾भारत के नामी अस्पतालों, कई डॉक्टरों और एजेंटों का बड़ा किडनी रॅकेट (घोटाला) चंद्रपुर पुलिस द्वारा उजागर
◾किडनी प्रत्यारोपण मामले की जांच में चंद्रपुर पुलिस को सफलता
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर जिले के नागभिड तहसील के 36 वर्षीय व्यक्ति ने सावकार से ब्याज पर लिए गए पैसे की वसूली के लिए विभिन्न सावकारों से पैसे ब्याज पर लिए और बड़े पैमाने पर सावकारों को ब्याज का भुगतान किया, इसके संदर्भ में दर्ज शिकायत पर पुलिस स्टेशन ब्रह्मपुरी में अपराध क्रमांक 654/2025 धाराएँ 387, 342, 294, 506, 120 (बी), 326 भादवि और धारा 39, 44 महाराष्ट्र सावकारी (नियमन) अधिनियम 2014 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम बनाई गई, जांच में, शिकायतकर्ता की किडनी प्रत्यारोपण से संबंधित इस मामले में धारा 18, 19 The Transplantation of Human Organs and Tissues Act, 1994 शामिल की गई और सावकारों को गिरफ्तार किया गया था। kidney racket
शिकायतकर्ता ने किडनी प्रत्यारोपण के संबंध में दी गई जानकारी के आधार पर कंबोडिया जाकर किडनी प्रत्यारोपित की थी। इस मामले में कृष्णा उर्फ रामकृष्ण सुंचू और हिमांशु भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास की गई जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद इस किडनी प्रत्यारोपण रैकेट में भारत के कनेक्शन का पता चला है।
शिकायतकर्ता रोशन कुडे और उसके अन्य साथी को कंबोडिया ले जाने वाला हिमांशु भारद्वाज ने भी जुलाई 2022 में आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी किडनी कृष्णा उर्फ रामकृष्ण सुंचू के माध्यम से त्रिची, तामिलनाडु के स्टार किम्स अस्पताल के निदेशक डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी और दिल्ली के डॉ. रविंद्रपाल सिंह द्वारा अवैध रूप से किडनी प्रत्यारोपण प्रक्रिया कराई थी।
प्रारंभिक तपास में किडनी देने वाले व्यक्ति से 50 लाख से 80 लाख रुपये तक की रकम लेकर डॉ. रविंद्रपाल सिंग दिल्ली को 10 लाख रुपये, स्टॉर किम्स हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी त्रिची को सर्जरी और हॉस्पिटैलिटी उपलब्ध कराने के लिए 20 लाख रुपये तथा कृष्णा उर्फ रामकृष्ण सुंचू और अन्य लोगों को 20 लाख रुपये मिलते थे। किडनी देने वाले व्यक्ति को केवल 5 से 8 लाख रुपये दिए जाते थे।
संबंधित अपराध के जांच में, स्थानीय अपराध शाखा (LCB) चंद्रपूर की टीम स्टॉर किम्स हॉस्पिटल त्रिची (तमिलनाडु) गई, जहां हॉस्पिटल संचालक डॉ. राजरत्नम गोविंदस्वामी की तलाश कर के शीघ्र ही उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास जारी है।
इसके अलावा, एक अन्य स्थानीय अपराध शाखा (LCB) की टीम ने दिल्ली में डॉ. रविंद्रपाल सिंग को हिरासत में लिया था। उन्हें ट्रांजिट रिमांड के लिए दिल्ली में संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां माननीय न्यायालय ने उन्हें दिनांक 2 जनवरी, 2026 को माननीय मुख्य न्यायिक अधिकारी चंद्रपूर के समक्ष प्रत्यक्ष हाजिर रहने का आदेश दिया और इसके संबंध में आगे की जांच की जा रही है।
किडनी रैकेट में अब तक कंबोडिया के कनेक्शन की जानकारी शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के अनुसार आई थी। इसके बाद की जांच में चंद्रपुर पुलिस की कड़ी मेहनत के चलते भारत के नामी अस्पतालों, कई डॉक्टरों और एजेंटों का बड़ा किडनी रॅकेट (घोटाला) उजागर करने में सफलता मिली है। पोलीस अधिक्षक मुम्मका सुदर्शन ने प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी है। आगे कि अधिक जांच जारी है।







0 Comments