पर्यावरण नियमों का उल्लंघन:
◾प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अस्पताल को दी बंद करने की चेतावनी !
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेस्टर्न कोलफिल्ड लीमीटेड चंद्रपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अस्पताल में एक्सपायरी दवाइयाँ और चिकित्सीय सामग्री जलाने का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है. पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों की खुलेआम अवहेलना किए जाने के बाद अब प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने अस्पताल प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया है विभाग ने स्पष्ट कहा है कि यदि निर्दिष्ट अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो अस्पताल को बंद करने की कारवाई भी की जा सकती है.
यह मामला उजागर होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन, क्षेत्रीय प्रबंधन और वेकोली मुख्यालय द्वारा अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों और स्थानीय संगठन में नाराज़गी है.
संजीवनी पर्यावरण सामाजिक संस्था के अध्यक्ष राजेश बेले की शिकायत पर महानगर पालिका ने भी अस्पताल प्रबंधन को 48 घंटों में जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने शिकायत में बताया कि अस्पताल परिसर में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के विरुद्ध एक्सपायरी दवाइयों को खुले में जलाया गया, जिससे पर्यावरण प्रदूषित हुआ और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को खतरा निर्माण हुआ.
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर इंटक के राष्ट्रीय सचिव के. के. सिंह तीन दिनों तक अस्पताल में डटे रहे, परंतु जांच प्रारंभ करने के बजाय विशिष्ट कामगार संगठन के प्रभावशाली नेताओं के दबाव में विशिष्ट कामगार संगठन के कर्मचारियों को बचाने के उद्देश्य से इंटक के दो कर्मचारियों का तबादला किए जाने की चर्चा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक्सपायरी दवाइयों को जलाने का कार्य संबंधित अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर अस्पताल में कार्यरत एक महिला डॉक्टर, ईसीजी टेक्नीशियन समेत कई कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया था. विशेष बात यह है कि एक्सपायरी दवाइयां जलते समय यह महिला डॉक्टर अपने बेटी के साथ उपस्थित थी. इसके बावजूद न तो महिला डॉक्टर पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही कर्मचारियों पर कोई दंडात्मक कदम उठाया गया है.
मामला अत्यंत गंभीर होते हुए भी वेकोली मुख्यालय, क्षेत्रीय प्रबंधक, अस्पताल प्रबंधन का मौन रहना कई सवाल खड़े कर रहा है कर्मचारियों का कहना है कि घटना पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है, जबकि पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है.










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