लालपेठ उपक्षेत्र में ‘पेड हॉलिडे’ का खेल? उत्पादन घटने के बावजूद नेताओं को मिल रही पूरी हाजरियां !






लालपेठ उपक्षेत्र में ‘पेड हॉलिडे’ का खेल? उत्पादन घटने के बावजूद नेताओं को मिल रही पूरी हाजरियां !

 चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र में कार्यसंस्कृति और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं बताया जा रहा है कि कुछ कामगार केवल 4 घंटे काम करके 8 घंटे की तनख्वाह ले रहे हैं और इसकी जानकारी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों को भी है तो फिर प्रबंधन की ओर से ‘पेड हॉलिडे’ देने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ रही है.

सूत्रो के अनुसार चंद्रपुर क्षेत्र में कार्य का वास्तविक समय मात्र 4 घंटे रह गया है ऐसा स्वयं अधिकारी भी स्वीकार करते हैं यदि स्थिति वास्तव में ऐसी है तो सवाल उठता है कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? प्रबंधन या फिर कामगार जो कि श्रमिकों से काम नहीं करवा पा रहे हैं? बताया जाता है कि उत्पादन में गिरावट के कारण कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपये तक के नुकसान की चर्चा है।लेकिन इसके बावजूद नेताओं से काम करवाने के लिए प्रबंधन की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे. 

इस कड़ी में सबसे अधिक चर्चा लालपेठ उपक्षेत्र में चल रहे कथित ‘पेड हॉलिडे’ के खेल को लेकर है आरोप है कि उत्पादन लगातार घट रहा है फिर भी कुछ विशिष्ट संगठन के नेताओं को ‘पेड हॉलिडे’ दिए जा रहे हैं इससे सामान्य कर्मचारियो में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है. 

मामले को और भी संदिग्ध बनाता है 16 जनवरी 2022 को जारी किया गया तबादला आदेश, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना था आश्चर्य की बात यह है कि चार साल बीतने के बाद भी उस आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं हो सका, बताया जाता है कि लालपेठ ओपन कास्ट में कर्मचारियों का तबादला आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है और संबंधित कर्मचारी आज भी कांटा घर में डटे हुए हैं. 

सूत्रों के अनुसार लालपेठ उपक्षेत्र का कांटा घर अब कामकाज से ज्यादा ‘मिठाई खाने का केंद्र’ बन जाने की चर्चा भी क्षेत्र में होने लगी है यह स्थिति न केवल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है बल्कि अनुशासन व्यवस्था की भी पोल खोलती है. 

चंद्रपूर क्षेत्र में हो रही अनियमितता पर वेकोली के निदेशक मंडल द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने की भी चर्चा है श्रमिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कंपनी को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

ऐसे में आवश्यकता है कि विजिलेंस विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उत्पादन में गिरावट, पेड हॉलिडे की व्यवस्था और तबादला आदेश के अनुपालन में देरी के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है.





Post a Comment

0 Comments