नए क्षेत्रीय महाप्रबंधक के पदभार संभालते ही हादसों की झड़ी?





 नए क्षेत्रीय महाप्रबंधक के पदभार संभालते ही हादसों की झड़ी? 

◾महज 10 घंटों में चंद्रपुर क्षेत्र की तीन खदानों में घटनाएं

◾कई कर्मचारी घायल

चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र में खदान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं नए क्षेत्रीय महाप्रबंधक के पदभार संभालने के बाद से लगातार दुर्घटनाएं होने की चर्चा शुरू हो गई है इसी क्रम में 12 तारीख को महज लगभग 10 घंटों के भीतर क्षेत्र की तीन अलग-अलग खदानों में खतरनाक घटनाएं सामने आईं. 

इन घटनाओं में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि दो अन्य स्थानों पर बड़ी जनहानि होते-होते टल गई , लगातार सामने आ रही घटनाओं ने खदान प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. 

भटाली ओपन कास्ट खदान में आधी रात को टला बड़ा हादसा

पहली घटना 11 मार्च की मध्यरात्रि करीब 1 बजे भटाली ओपन कास्ट खदान में हुई, रात्रि पाली के दौरान अचानक भारी मात्रा में मलबा खिसककर बहने लगा, जिससे वहां मौजूद शिफ्ट इंचार्ज, एक ओवरमैन, एक फोरमैन और एक पीसी ऑपरेटर कुछ समय के लिए गंभीर संकट में घिर गए. स्थिति इतनी गंभीर थी कि थोड़ी सी भी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी हालांकि कर्मचारियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खदान के अंतिम छोर तक पहुंचकर खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. 

डीआरसी-4 भूमिगत खदान में छत से गिरा कोयला, दो मजदूर घायल

दूसरी घटना गुरुवार सुबह दुर्गापुर रैयतवारी कोलियरी (डीआरसी-4) की भूमिगत खदान में हुई।सुबह लगभग 7 से 7:30 बजे के बीच 31 लेवल / 107 डिप कार्यस्थल पर छत से कोयले का भारी टुकड़ा गिरने से दो मजदूर घायल हो गए..

बताया जाता है कि सुबह करीब 5 बजे एडवांस सपोर्ट गैंग के पांच मजदूर और एक माइनिंग सरदार रूफ स्टिचिंग का काम कर रहे थे इसी दौरान अचानक कोयले का बड़ा टुकड़ा गिर पड़ा इस घटना में सपोर्ट मजदूर गजानन हजारे और राजेश कुमार कोमाटी घायल हो गए. 

दुर्गापुर ओपन कास्ट में दलदल में धंसा डोजर

तीसरी घटना 12 तारीख की सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच दुर्गापुर ओपन कास्ट खदान में सामने आई यहां कोल फेस के पास काम कर रहा डोजर नंबर-93 अचानक पास के दलदली और कीचड़युक्त क्षेत्र में आधा धंस गया. उस समय मशीन को ऑपरेटर निलेश मानकर चला रहे थे और कार्य की निगरानी अधिकारी जोगी कर रहे थे बताया जा रहा है कि कोल फेस के पास मिट्टी और कीचड़ अधिक होने के कारण जमीन नरम हो गई थी, जिससे मशीन का संतुलन बिगड़ गया और डोजर मलबे में धंस गया हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई 

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

लगातार हो रही इन घटनाओं ने वेकोली के चंद्रपुर क्षेत्र में खदान सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं निर्माण कर दी हैं मजदूर संगठनों और कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है लेकिन इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सुरक्षा मानकों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

जिन खदानों में हादसे, वहीं होते हैं अधिकारियों के दौरे।

सूत्रों के अनुसार जिन खदानों में ये घटनाएं हुई हैं। वहां वेकोली के निदेशक,  मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य अधिकारी नियमित दौरे करते रहते हैं इसके बावजूद सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं नजरअंदाज कैसे हो रही हैं, इस पर सवाल उठने लगे हैं. 

कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के दबाव में कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता तो नहीं किया जा रहा. 

प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका 

इन घटनाओं के संबंध में प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए वेकोली के महाप्रबंधक (जनसंपर्क) से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर कॉल समाप्त कर दिया वहीं क्षेत्रीय महाप्रबंधक और महाप्रबंधक (संचालन) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.




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