ट्रेड यूनियन विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति, इंडस्ट्रियल कोर्ट का रास्ता साफ !

 



ट्रेड यूनियन विवाद में बड़ी कानूनी प्रगति, इंडस्ट्रियल कोर्ट का रास्ता साफ !

चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ वर्धा वैली चंद्रपुर/बल्लारपुर में लंबे समय से चल रहे संगठनात्मक विवाद में एक अहम मोड़ आया है ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार, नागपुर ने मामले की सुनवाई के बाद फॉर्म ‘L’ (कंसेंट सर्टिफिकेट/सहमति प्रमाणपत्र) जारी कर दिया है इसके साथ ही अब यह मामला औद्योगिक न्यायालय (इंडस्ट्रियल कोर्ट) में प्रस्तुत किया जा सकता है . 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूनियन के पदाधिकारी जोगेंद्र यादव और रंजीत पटले को भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ वर्धा वैली चंद्रपुर/बल्लारपुर एवं चंद्रपुर से कथित तौर पर गलत तरीके से पदाधिकारी पद और प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया था, इस निष्कासन के विरोध में ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार, नागपुर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी. 

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ नागपुर के महामंत्री सुजीत सिंह द्वारा बिना किसी वैध अधिवेशन या आमसभा के पदाधिकारियों की घोषणा की गई और चेक-ऑफ से रोकने का प्रयास किया गया. इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद रजिस्ट्रार ने यह मानते हुए कि यूनियन के भीतर पदाधिकारियों की नियुक्ति और निष्कासन को लेकर गंभीर विवाद मौजूद है जिससे उन्होंने कंसेंट सर्टिफिकेट जारी कर दिया. 

फॉर्म ‘L’ जारी होने के बाद अब औद्योगिक न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी ,  इसमें अवैध रूप से लिए गए निर्णयों को रद्द कराने, कथित तौर पर गलत तरीके से खोले गए बैंक खातों को बंद कराने, खर्च की गई राशि की वसूली, इकाई एवं उपक्षेत्रीय समितियों को भंग करने, कार्यालय पर कब्जे और वित्तीय लेन-देन की जांच जैसे मुद्दे उठाए जाने की तैयारी है इसके साथ ही विवाद के निपटारे तक प्रबंधकीय वार्ताओं पर रोक लगाने की भी मांग की जा सकती है. 

शिकायतकर्ताओ ने इस निर्णय को “सत्य की पहली जीत” बताते हुए कहा कि रजिस्ट्रार के इस निर्णय से विपक्षी गुट के वैधता संबंधी दावे कमजोर पड़े हैं उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या दबाव में न आएं और एकजुट रहकर कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करें. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि , यह लड़ाई केवल पदों की नहीं, बल्कि यूनियन के लोकतंत्र, संविधान और श्रमिक अधिकारों की रक्षा की है उनका कहना है कि नियमों के बाहर जाकर किसी भी स्तर पर निर्णय लेने वालों को अब न्यायालय में जवाब देना होगा. 

इस संदर्भ में भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ चंद्रपुर के महामंत्री से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि जो लोग आज हमारे संगठन के सदस्य नही है वो वो आज किसी दूसरे संगठन में रहकर हमारे संगठन की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं ...

जिससे अब सभी की निगाहें औद्योगिक न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं जहां इस विवाद का अंतिम समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है.




Post a Comment

0 Comments