पदोन्नति–स्थानांतरण के मौसम में सक्रिय हुआ ‘मिठाई गैंग’ , काम हुआ तो गुलदस्ता, नहीं हुआ तो लॉलीपॉप !
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : कोयला क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी कंपनी की महाराष्ट्र स्थित शाखा में जैसे ही अर्हता प्राप्त अधिकारियों के पदोन्नति एवं स्थानांतरण आदेशों का मौसम आता है उस समय नागपुर शाखा के प्रशासनिक गलियारों में एक अजीब-सी मिठास घुलने लगती है यह मिठास किसी शुभ समाचार की नहीं बल्कि कुख्यात होती जा रही तथाकथित ‘मिठाई गैंग’ की देन मानी जा रही है जो आधी मिठाई खुद हजम करती है और आधी “उच्चाधिकारियों” तक पहुँचाने का दावा करती है.
सूत्रों के अनुसार इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित है पदोन्नति अथवा स्थानांतरण सूची जारी होने से पहले ही यह गैंग सक्रिय हो जाती है सबसे पहले यह तय किया जाता है कि किस अधिकारी की “मिठाई हजम” होगी और किसकी नहीं, जिनकी मिठाई स्वीकार्य मानी जाती है उनसे बाकायदा मिठाई के डिब्बे मंगवाए जाते हैं जबकि जिनकी नहीं होती उन्हें प्रतीकात्मक रूप से लॉलीपॉप थमा कर कुछ दिन इंतज़ार करने की सलाह दे दी जाती है.
मतलब साफ है मिठाई नहीं तो चर्चा नहीं; बस एक मीठा-सा आश्वासन कि “अगली बार देखेंगे ” लॉलीपॉप थामे अधिकारियों की मुस्कान में खिंचाव और निगाहों में सवाल साफ देखे जा सकते हैं.
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि यह मिठाई सिर्फ स्वाद की नहीं, संदेश की होती है आधी मिठाई ऊपर तक पहुँचती है ताकि व्यवस्था सुव्यवस्थित बनी रहे और बाकी आधी नीचे ताकि गैंग का नेटवर्क बने रहें.
बताया जाता है कि गैंग के कुछ सदस्य स्वयं को एसोसिएशन के पदाधिकारी बताते हैं उनका तर्क है कि मिठाई बाँटना सद्भाव का प्रतीक है मगर सवाल यह उठता है कि सद्भाव का पैमाना आखिर मिठाई के डिब्बों से क्यों तय किया जाए? और जिनकी जेब या इच्छा इसकी अनुमति न दे—क्या वे सद्भाव के अधिकारी नहीं?
पदोन्नति और स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद विभागों में कामकाज से ज़्यादा, चर्चा और गणना शुरू हो जाती है कितनी मिठाई आई, किसने भेजी, किस तक पहुँची , इतना ही नहीं जिनकी मिठाई “हजम” हो जाती है, उनसे अतिरिक्त भेंट के रूप में गुलदस्ते मँगवाकर फोटो खिंचवाए जाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर दिया जाता है.
अब देखना यह है कि मिठाई खाकर “शुगर” बढ़ा चुके इस गैंग का इलाज डॉक्टर करेंगे या नहीं या फिर पदोन्नति और स्थानांतरण आदेशों के साथ मिठास की यह अनिवार्यता यूँ ही चलती रहेगी. तब तक जिनकी मिठाई हजम हो चुकी है, वे गुलदस्ते समेटते रहेंगे और जिनके हाथ में लॉलीपॉप है वे अगली सूची का इंतज़ार करते रहेंगे.






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